विकल्प की जननी है वह! विकल्प की जननी है वह!
फूल बोले, खिलो ज़रा मेरी तरह महको ज़रा। हवा बोले बहो ज़रा अब तो आँखें खोलो ज़रा। फूल बोले, खिलो ज़रा मेरी तरह महको ज़रा। हवा बोले बहो ज़रा अब तो आँखें खोलो ज़रा।
उम्मीदों की राह पर चल, फिर से हमें संहलना है।। उम्मीदों की राह पर चल, फिर से हमें संहलना है।।
अयोध्या-1, बिम्ब अयोध्या-1, बिम्ब
मैं तुम्हें देना चाहती थी खुशी वो जो मेरे पास थी ही नहीं। मैं तुम्हें देना चाहती थी खुशी वो जो मेरे पास थी ही नहीं।
हर जगह कोरोना है , कोरोनावायरस को मारेंगे। हर जगह कोरोना है , कोरोनावायरस को मारेंगे।